अहमदाबाद/लंदन। एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 दुर्घटना को एक वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन हादसे में अपनों को खोने वाले परिवार आज भी हादसे की सच्चाई और न्याय का इंतजार कर रहे हैं। 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रही एयर इंडिया की बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद एक मेडिकल कॉलेज परिसर से टकरा गई थी। इस भीषण हादसे में विमान में सवार 241 लोगों समेत जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी।
उड़ान से पहले मां से हुई थी आखिरी बातचीत
लंदन निवासी सागर पटेल ने बताया कि उनकी मां हसुमतीबेन पटेल हर बार की तरह विमान में बैठने के बाद उन्हें फोन कर रही थीं। उन्होंने कहा था कि वह उड़ान में बैठ चुकी हैं और जल्द मुलाकात होगी। सागर ने उन्हें एयरपोर्ट से लेने और पसंद का खाना बनाने की बात कही थी, लेकिन वही उनकी मां से आखिरी बातचीत साबित हुई।
एक साल बाद भी नहीं मिला हादसे का जवाब
पीड़ित परिवारों का कहना है कि हादसे के एक साल बाद भी जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आई है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें अब तक यह नहीं बताया गया कि आखिर विमान दुर्घटनाग्रस्त क्यों हुआ। उनका कहना है कि वे केवल सच्चाई और न्याय चाहते हैं।
ब्लैक बॉक्स रिपोर्ट का भी इंतजार
हादसे में प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें जांच की प्रगति से जुड़ी पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही है। उनका आरोप है कि अब तक ब्लैक बॉक्स से जुड़े निष्कर्ष भी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जिससे उनके सवालों का जवाब नहीं मिल पा रहा है।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में अपने पति को खो चुकी श्वेता परिहार ने बताया कि दुर्घटना के बाद उन्हें अपने बेटे से कई दिनों तक सच छिपाना पड़ा। जब बेटे को पिता की मौत की जानकारी मिली तो वह गहरे सदमे में चला गया। उन्होंने कहा कि अब छोटी-छोटी बातों पर भी उनका बेटा भावुक होकर रोने लगता है।
जीवन फिर से शुरू करना बना चुनौती
श्वेता परिहार ने कहा कि पति की मौत के बाद अकेले बच्चे की परवरिश और विदेश में जीवनयापन करना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने सरकार और एयर इंडिया से रोजगार, शिक्षा और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि वह अपने बेटे का भविष्य सुरक्षित कर सकें।
अधूरे रह गए कई सपने
एक अन्य पीड़ित मोहम्मद शोएब इप्रोलिया ने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी नुसरतजहां ने ब्रिटेन में नया घर खरीदने और बेहतर भविष्य के कई सपने देखे थे। लेकिन हादसे ने उनके सभी सपनों को एक झटके में खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ न्याय चाहिए।
एयर इंडिया पर सहयोग नहीं करने का आरोप
पीड़ित परिवारों की ओर से पैरवी कर रहे वकीलों का आरोप है कि हादसे के बाद से एयर इंडिया की ओर से परिवारों को पर्याप्त जानकारी और सहयोग नहीं मिला। उनका कहना है कि एक साल बीत जाने के बावजूद प्रभावित परिवार लगातार जवाबों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
दुर्घटना की जांच कर रही एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आ सकते हैं। पीड़ित परिवारों को उम्मीद है कि रिपोर्ट से हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।
भावुक संदेश छोड़ गए परिजन
हादसे की बरसी पर सागर पटेल एक बार फिर भारत पहुंचे। उन्होंने लोगों से अपने माता-पिता के साथ हर पल को संजोकर रखने की अपील की। उनका कहना था कि जब अपने साथ नहीं रहते, तब उनकी अहमियत का सबसे ज्यादा एहसास होता है।
न्याय की उम्मीद अब भी बरकरार
एक साल बीत जाने के बावजूद पीड़ित परिवारों का कहना है कि उनके जख्म अभी भी ताजा हैं। उनका मानना है कि जब तक हादसे की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उन्हें सच्चा न्याय नहीं मिल पाएगा।
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