रिपोर्ट — सागर मिश्रा
कानपुर: बिल्हौर क्षेत्र की रहने वाली एक दलित युवती ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एक नवनियुक्त उपनिरीक्षक (SI) और उसके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का आरोप है कि वर्ष 2020 में, जब वह नाबालिग थी, तब आरोपी युवक ने उसे प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा दिया और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। मामले में पीड़िता ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को प्रार्थना पत्र देकर FIR दर्ज कराकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता के मुताबिक, वह मंदना बगदौधी बांगर की रहने वाली है। उसका आरोप है कि वर्ष 2020 में वह महज 15 वर्ष की थी, जब बिल्हौर निवासी अश्वनी चौहान ने उससे संपर्क बढ़ाया और शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। जब इस मामले की जानकारी परिवार के लोगों को हुई तो आरोपी के पिता, माता और भाइयों ने कथित तौर पर पीड़िता के बालिग होने के बाद उससे शादी कराने का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हो गया।
पीड़िता का कहना है कि इस दौरान अश्वनी चौहान उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर चयनित हुआ और अमेठी में तैनात रहा। हाल ही में उसका चयन उपनिरीक्षक (SI) के पद पर हुआ। आरोप है कि SI पद पर चयन होने के बाद आरोपी और उसके परिवार ने पीड़िता से शादी करने से इनकार कर दिया।
परिजनों पर जातिसूचक गाली और धमकी का आरोप
शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मार्च 2026 और 30 जून 2026 को आरोपी के परिजन उसके घर पहुंचे। इस दौरान कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की गई और शादी करने से साफ इनकार कर दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत करने पर उसकी बेटी के अपहरण और उसे जान से मरवाने तक की धमकी दी गई।
पीड़िता के अनुसार, 30 जून की घटना के बाद उसी दिन थाना बिठूर में शिकायत दी गई थी। हालांकि, आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उसे 'आज-कल' कहकर टाल दिया। इसके बाद पीड़िता ने अब पुलिस महानिदेशक से मामले में हस्तक्षेप करते हुए FIR दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोपी पुलिसकर्मी और उसके परिजनों से खुद को खतरा बताते हुए न्याय और सुरक्षा की गुहार भी लगाई है।
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