पश्चिम बंगाल का रण तेज: विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के खिलाफ सीधा हमला बोलते हुए एक विस्तृत ‘चार्जशीट’ जारी की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस आरोप पत्र को जारी करते हुए टीएमसी के 15 साल के शासन को अराजकता और भ्रष्टाचार का दौर बताया।
घुसपैठ और सुरक्षा का मुद्दा प्रमुख
अमित शाह ने अपने बयान में सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा बंगाल के चुनाव परिणामों से जुड़ी हुई है। शाह के अनुसार, वर्तमान में घुसपैठ का मुख्य रास्ता बंगाल ही बचा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के चलते राज्य में जनसांख्यिकीय संतुलन से खिलवाड़ किया गया।
‘विक्टिम कार्ड’ पर ममता बनर्जी पर निशाना
गृह मंत्री ने ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि वे हमेशा ‘विक्टिम कार्ड’ खेलती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कभी चोट, कभी बीमारी और कभी चुनाव आयोग के सामने बेबसी दिखाकर सहानुभूति लेने की कोशिश की जाती है। शाह ने दावा किया कि बंगाल की जनता अब इस राजनीति को समझ चुकी है और बदलाव चाहती है।
15 साल का ‘कुशासन’ बताया, सिंडिकेट राज का आरोप
अमित शाह ने चार्जशीट को टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के “काले कारनामों” का दस्तावेज बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘सोनार बांग्ला’ का सपना दिखाकर राज्य में सिंडिकेट राज स्थापित किया गया, जहां आम जनता का शोषण हो रहा है। शाह ने कहा कि भ्रष्टाचार ने पूरे सिस्टम को जकड़ लिया है और राज्य उद्योगों के लिए ‘कब्रिस्तान’ बन गया है।
जनता की आवाज बताकर बदलाव का आह्वान
भाजपा नेता ने कहा कि यह चार्जशीट सिर्फ पार्टी का दस्तावेज नहीं, बल्कि बंगाल की पीड़ित जनता की आवाज है। उन्होंने कहा कि भाजपा 2011 से ही इस व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष कर रही है और अब समय आ गया है कि जनता बदलाव का फैसला करे। शाह ने इसे “सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल को भयमुक्त बनाने का चुनाव” बताया।
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