भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल-विदिशा के बीच सड़क को फोरलेन में बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 11 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में इस परियोजना के लिए 1,757.55 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इसके तहत मौजूदा 44.83 किलोमीटर लंबे दो लेन मार्ग को पक्के शोल्डर के साथ चार लेन हाईवे में तब्दील किया जाएगा।
यह फैसला राज्य सरकार के करीब 47,990 करोड़ रुपये के बड़े विकास पैकेज का हिस्सा है। इस पैकेज में प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों पर भी फोकस किया गया है।
हाइब्रिड एन्युटी मॉडल से होगा निर्माण
भोपाल-विदिशा सड़क को फोरलेन बनाने का काम हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा। परियोजना की निर्माण लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा स्टेट हाईवे फंड के जरिए वहन किया जाएगा।
बाकी 60 प्रतिशत राशि राज्य के बजट से दी जाएगी। यह भुगतान अगले 15 वर्षों तक छह-छह महीने के अंतराल पर किस्तों में किया जाएगा।
सांची से होकर गुजरता है यह महत्वपूर्ण मार्ग
अपग्रेड किया जाने वाला यह कॉरिडोर भोपाल और विदिशा के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करने के साथ कई महत्वपूर्ण स्थानों से होकर गुजरता है। इनमें यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट सांची स्तूप भी शामिल है।
सड़क के फोरलेन होने से इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेहतर होने, यात्रा का समय कम होने और क्षेत्र में आवागमन को आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, सांची जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल तक पहुंच भी बेहतर हो सकेगी।
मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले से भोपाल और विदिशा के बीच सड़क संपर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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