अयोध्या। अयोध्या स्थित राम मंदिर के दानपात्रों में आए चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपे जाने के बाद गुरुवार देर शाम आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, मामले की जांच जारी है और आरोप अभी अदालत में सिद्ध होना बाकी हैं।
एसआईटी की रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई एफआईआर
राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग की शिकायतों की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी बोले- सभी आरोपियों से पूछताछ जारी
अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि राम मंदिर के दानपात्रों से नकदी और अन्य कीमती सामान की कथित चोरी के मामले में आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार उन्हें अगले एक-दो दिनों में मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया जाएगा।
चढ़ावे की गिनती करने वाली टीम पर आरोप
एफआईआर में नामित सभी आठ लोग उस टीम का हिस्सा थे, जिसकी जिम्मेदारी मंदिर परिसर में रखे करीब 40 दानपात्रों को तीर्थयात्री सुविधा केंद्र तक पहुंचाने और वहां चढ़ावे की गिनती करने की थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गड़बड़ी में इनकी क्या भूमिका रही और क्या चढ़ावे की रकम या अन्य कीमती सामान में किसी तरह का उलटफेर किया गया।
ट्रस्ट सदस्य की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
यह एफआईआर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। शिकायत में दानपात्रों से प्राप्त नकदी और मूल्यवान वस्तुओं के कथित दुरुपयोग और चोरी का आरोप लगाया गया है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जो कर्मचारी द्वारा चोरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश जैसे आरोपों से संबंधित हैं। जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, चढ़ावे के हिसाब-किताब और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं।
किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर?
एफआईआर में जिन आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनके नाम हैं—
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टिन्नू यादव
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अनुकल्प मिश्रा
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लवकुश मिश्रा
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अविनाश शुक्ला
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मनीष यादव
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सुभाष श्रीवास्तव
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करुणेश पांडे
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रामशंकर मिश्रा
अब जांच किस दिशा में बढ़ रही है?
पुलिस और एसआईटी अब यह जांच कर रही हैं कि कथित गड़बड़ी का तरीका क्या था, इसमें कितनी राशि या कीमती सामान प्रभावित हुआ और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका रही है। पूछताछ, दस्तावेजों की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की सुनवाई अदालत में होगी, जहां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि या खंडन किया जाएगा।
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