Saturday, 11 April 2026
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जनगणना 2027: डिजिटल तरीके से होगी गणना, जानिए क्या होंगे सवाल और पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली में जनगणना 2027 को लेकर भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने जानकारी देते हुए कहा कि तैयारियां अब उन्नत चरण में पहुंच चुकी हैं। जल्द ही हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का फील्डवर्क कई राज्यों में शुरू किया जाएगा। इस बार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिससे डेटा संग्रह अधिक तेज और सटीक हो सके।


स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना

उन्होंने बताया कि 2011 के बाद यह देश की अगली जनगणना होगी और स्वतंत्रता के बाद यह आठवीं जनगणना मानी जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसकी जानकारी आरटीआई के तहत सार्वजनिक नहीं की जाएगी। केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त प्रशासनिक मशीनरी इस बड़े अभियान को पूरा करेगी।


अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पहला चरण

जनगणना की गजट अधिसूचना 16 जून 2025 को जारी हो चुकी है। पहले चरण यानी हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। इस चरण में 11 राज्यों में फील्डवर्क शुरू होगा। दूसरे चरण की अधिसूचना और प्रश्न बाद में जारी किए जाएंगे, जिसमें जाति आधारित गणना भी शामिल होगी।


डिजिटल और सेल्फ-एन्यूमरेशन की नई व्यवस्था

इस बार जनगणना में लोगों को “सेल्फ-एन्यूमरेशन” यानी खुद जानकारी भरने का विकल्प दिया गया है। इसके लिए विशेष ऐप और पोर्टल विकसित किए गए हैं, जो 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे। वहीं, जनगणना कर्मचारियों के लिए 19 भाषाओं में मैन्युअल तैयार किया गया है और प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया है।


पहले चरण में पूछे जाएंगे 34 सवाल

हाउसलिस्टिंग चरण में कुल 34 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें घर की संरचना (फर्श, दीवार, छत की सामग्री), घर की स्थिति, उसमें रहने वाले लोगों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम और लिंग, विवाहित जोड़ों की संख्या, उपयोग किए जाने वाले अनाज का प्रकार, बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच और वाहनों के स्वामित्व जैसी जानकारी शामिल होगी।


लिव-इन संबंधों को भी मिलेगी मान्यता

जनगणना 2027 में एक बड़ा बदलाव यह है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को भी विवाहित दंपत्ति के रूप में माना जाएगा, बशर्ते वे खुद को स्थायी रूप से एक-दूसरे का साथी मानते हों। यह जानकारी सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल के FAQ में स्पष्ट की गई है।

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