Thursday, 27 August 2026
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धर्म-आस्था

छोटी काशी आनंदेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंजा परमट मंदिर

कानपुर। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर में गंगा तट पर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री बाबा आनंदेश्वर धाम (परमट मंदिर) में आज सुबह से ही शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सावन के पावन अवसर पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर जलाभिषेक किया। पूरा मंदिर परिसर और आसपास का इलाका "हर-हर महादेव" और "जय बाबा आनंदेश्वर" के जयघोष से भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।

भोर की मंगला आरती के साथ ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर तक लगातार जारी रहा। श्रद्धालु पहले परमट घाट पर मां गंगा में स्नान कर रहे हैं, इसके बाद गंगाजल, दूध, बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। बैरिकेडिंग के माध्यम से कतारबद्ध दर्शन व्यवस्था बनाई गई है, जबकि पूरे मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

आनंदेश्वर धाम का इतिहास भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि महाभारत काल में दानवीर कर्ण परमट घाट पर स्नान करने के बाद इसी शिवलिंग का पूजन और जलाभिषेक करते थे। वहीं एक अन्य जनश्रुति के अनुसार, प्राचीन समय में 'आनंदी' नाम की गाय प्रतिदिन एक स्थान पर अपना दूध अर्पित करती थी। जब उस स्थान की खुदाई की गई तो वहां से स्वयंभू शिवलिंग प्रकट हुआ, जिसके बाद इस धाम का नाम आनंदेश्वर पड़ा।

मंदिर से जुड़ी एक और मान्यता श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। कहा जाता है कि जो भक्त लगातार 40 दिनों तक सच्चे मन से बाबा आनंदेश्वर के दर्शन और पूजा करता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। यही वजह है कि सावन के दौरान यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

सामान्य दिनों में मंदिर के कपाट सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक खुले रहते हैं। वहीं सावन, सोमवार और महाशिवरात्रि जैसे विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन का समय बढ़ा दिया जाता है। मंदिर में प्रतिदिन चार बार आरती होती है, जिसमें सुबह की मंगला आरती और शाम की श्रृंगार आरती का विशेष महत्व माना जाता है।

सावन के इस पावन अवसर पर कानपुर का आनंदेश्वर धाम एक बार फिर शिवभक्ति, आस्था और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए और पूरे परमट क्षेत्र में भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

report - sagar mishra 

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