Friday, 29 May 2026
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बेंगलुरु में भर्ती युगांडा की महिला की इबोला रिपोर्ट आई नेगेटिव: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- भारत में कोई भी पुष्ट मामला नहीं

 केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार (27 मई 2026) को स्पष्ट किया है कि बेंगलुरु में भर्ती युगांडा की एक महिला नागरिक की इबोला वायरस टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इस पूर्वी अफ्रीकी देश से हाल ही में लौटी महिला को "अत्यधिक सावधानी के तौर पर" आइसोलेशन (एकांतवास) में रखा गया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि वर्तमान में भारत में इबोला वायरस रोग (EVD) का एक भी पुष्ट मामला नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशानिर्देशों के तहत राज्य सरकारों के समन्वय से देश में कड़ी निगरानी रखी जा रही है और सभी जरूरी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।

हल्की बीमारी के बाद होटल से अस्पताल में शिफ्ट की गई थी विदेशी महिला

यह पूरा मामला तब सामने आया जब युगांडा की रहने वाली एक 28 वर्षीय महिला में शरीर में दर्द जैसे इबोला के बेहद हल्के लक्षण दिखाई दिए। महिला को मंगलवार (26 मई 2026) को बेंगलुरु के एक होटल से तुरंत सरकारी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि महिला ने हाल ही में युगांडा से अहमदाबाद की यात्रा की थी और उसके बाद वह बेंगलुरु पहुँची थी। अंतरराष्ट्रीय यात्रा इतिहास (ट्रेवल हिस्ट्री) होने के कारण प्रशासन ने बिना कोई जोखिम लिए तुरंत सख्त कदम उठाए।

पुणे एनआईवी की जांच में इबोला वायरस से संक्रमण की पुष्टि नहीं

अस्पताल में भर्ती करने के बाद महिला के खून के सैंपल लिए गए और उन्हें जांच के लिए पुणे स्थित 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी' (NIV) भेजा गया। बेंगलुरु के जिला सर्जन और सरकारी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार बनगर ने बताया कि एनआईवी पुणे ने मौखिक रूप से सूचित कर दिया है कि महिला की रक्त रिपोर्ट पूरी तरह से नेगेटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग और कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रयोगशाला परीक्षण के इन परिणामों की पुष्टि की है कि महिला संक्रमित नहीं है।

प्रोटोकॉल के तहत दोबारा टेस्ट और उच्च अधिकारियों के फैसले का इंतज़ार

चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार, ऐसे संदिग्ध मामलों में पहली रिपोर्ट आने के बाद मरीज को 48 घंटे तक निगरानी में रखा जाता है और फिर एक दोबारा (रिपीट) टेस्ट किया जाना चाहिए। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि चूंकि इस महिला में अब तक कोई भी नया या अतिरिक्त लक्षण विकसित नहीं हुआ है, इसलिए दोबारा टेस्ट करने को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अस्पताल प्रशासन इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय और उच्च अधिकारियों के अंतिम दिशा-निर्देशों का इंतज़ार कर रहा है।

मध्य अफ्रीका में फैले प्रकोप के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय रख रहा पैनी नजर

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला के हालिया प्रकोप के बाद से वैश्विक स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक जानकारियों से बचें और घबराने के बजाय केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली सूचनाओं पर ही भरोसा करें। देश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर भी संदिग्ध यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।

प्रभावित अफ्रीकी देशों के लिए भारत सरकार ने जारी की ट्रेवल एडवाइजरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा मध्य अफ्रीका में इबोला के बढ़ते मामलों को देखते हुए "ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी" (वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल) घोषित किए जाने के बाद भारत सरकार भी पूरी तरह सतर्क हो गई है। इसी के तहत भारत सरकार ने शनिवार (23 मई 2026) को एक आधिकारिक ट्रेवल एडवाइजरी जारी की थी। इस एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी न होने पर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC), युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे देशों की गैर-जरूरी यात्रा करने से बचें।

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