बमौरी विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों बिजली की अघोषित कटौती ने आम जनता और किसानों का जीना दूभर कर दिया है। फतेहगढ़, बमौरी, मारकी मऊ और म्याना जैसे क्षेत्रों में बिजली की अनियमित सप्लाई को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। इसी समस्या के समाधान और प्रशासनिक लापरवाही के विरोध में विधायक ऋषि अग्रवाल ने आज सैकड़ों किसानों के साथ गुना स्थित बिजली विभाग कार्यालय पहुंचकर महाप्रबंधक से तीखी चर्चा की।
जनता की नाराजगी और विभाग की लापरवाही
म्याना और फतेहगढ़ क्षेत्र की जनता पहले भी अपनी समस्याओं को लेकर बिजली विभाग को ज्ञापन सौंप चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान होकर विधायक ऋषि अग्रवाल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने महाप्रबंधक के सामने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रामीण आबादी वाले इलाकों में 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
फसलों पर मंडराया बर्बादी का खतरा
विधायक ने मुख्य रूप से सिंचाई के लिए मिलने वाली बिजली (पंप वाली लाइट) पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय सब्जी, मूंग और गन्ने की फसल काफी बड़े रकबे में लगी हुई है। बिजली की अघोषित कटौती के कारण किसान समय पर फसलों को पानी नहीं दे पा रहे हैं, जिससे उनकी फसलें सूखकर नष्ट हो रही हैं। आर्थिक तंगी की मार झेल रहे किसानों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
विधायक ऋषि अग्रवाल ने विभाग को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति में तुरंत सुधार नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी स्थिति में होने वाली किसी भी जन-अशांति या समस्या की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। विधायक के कड़े तेवरों के बाद विभाग के अधिकारी हरकत में आए।
महाप्रबंधक का आश्वासन
विधायक और किसानों की नाराजगी को देखते हुए विद्युत मंडल के महाप्रबंधक ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को सुधारा जाएगा और अब से अघोषित कटौती नहीं की जाएगी। अब देखना यह है कि विभाग अपने वादों पर कितना खरा उतरता है और क्षेत्र के किसानों को राहत मिलती है या नहीं।
रिपोर्ट: मनोहर प्रजापति
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