मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक बेहद दर्दनाक और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करने वाला मामला सामने आया है। यहां आरोन थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक किसान ने पड़ोसी से हुए खेत विवाद और मारपीट के बाद न्याय न मिलने पर जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। आरोप है कि मृतक किसान की फसल उजाड़े जाने और दबंगों द्वारा पैर तोड़े जाने के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने उसकी एक नहीं सुनी, जिससे आहत होकर उसने यह खौफनाक और आत्मघाती कदम उठाया।
खेत में गाय घुसाकर नष्ट की गन्ने की फसल
यह पूरा मामला आरोन थाना क्षेत्र के बरोद गांव का है। जानकारी के अनुसार, यहां के निवासी किसान अशोक यादव का अपने पड़ोसी किसान इंद्रभान यादव से खेत की मेड़ को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते इंद्रभान और उसके परिवार वालों ने जानबूझकर अशोक यादव के खेत में गाय घुसा दीं, जिससे उनकी गन्ने की फसल पूरी तरह उजड़ गई।
विरोध करने पर की गई बेरहमी से मारपीट
जब किसान अशोक यादव ने अपनी खून-पसीने से सींची फसल के नुकसान का विरोध किया, तो आरोपियों ने दबंगई दिखाते हुए उनके साथ जमकर मारपीट कर दी। इस हिंसक हमले में अशोक यादव का पैर तक टूट (फ्रैक्चर) गया। दर्द से कराहते हुए पीड़ित ने न्याय के लिए स्थानीय पुलिस थाने में गुहार लगाई और आवेदन दिया, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई कार्रवाई नहीं की।
एसडीएम दफ्तर से भी नहीं मिली मदद, हताश होकर खाया जहर
थाने से निराश होने के बाद पीड़ित किसान बुधवार सुबह एसडीएम कार्यालय पहुंचा और वहां भी अपना शिकायती आवेदन सौंपा। लेकिन वहां से भी उसे कोई ठोस आश्वासन या कार्रवाई का भरोसा नहीं मिला। सिस्टम की इस संवेदनहीनता से अशोक पूरी तरह टूट गया और गहरी हताशा में आकर उसी दिन शाम करीब 4 बजे उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया।
इलाज के दौरान बुधवार रात तोड़ा दम
जहर खाने के बाद जैसे ही अशोक की हालत बिगड़ने लगी, घबराए परिजन उसे तुरंत आरोन के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन बुधवार रात इलाज के दौरान अशोक यादव की मौत हो गई।
आक्रोशित परिजनों ने शव रखकर किया चक्काजाम
गुरुवार सुबह पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम (पीएम) कराया और बॉडी परिजनों को सौंप दी। प्रशासन की घोर लापरवाही और किसान की मौत से आक्रोशित परिजनों ने शव को हनुमत चौराहे पर रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझा-बुझाकर व कार्रवाई का आश्वासन देकर करीब आधे घंटे बाद जाम खुलवाया।
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