गुना |रिपोर्ट -मनोहर प्रजपति| दलवी कॉलोनी स्थित अल्फा स्कूल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। यहां एक डायबिटीज पीड़ित मासूम बच्ची और उसकी बड़ी बहन को स्कूल से निकालने का मामला सामने आया है। बच्चियों के पिता ने स्कूल प्रबंधन पर शिक्षा के अधिकार और मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
इंसुलिन के लिए रोज स्कूल जाते थे पिता
भगत सिंह कॉलोनी निवासी दिलीप थापर के अनुसार उनकी 6 वर्षीय बेटी (काल्पनिक नाम) आराध्या टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित है। उसे दिन में कई बार इंसुलिन लेने और शुगर जांच की जरूरत होती है।
छोटी होने के कारण पिता स्वयं रोज स्कूल जाकर बच्ची को इंसुलिन लगाते थे और आधे घंटे बाद खाना खिलाते थे।
एडमिशन के समय मिला था सहयोग का आश्वासन
परिजनों का कहना है कि एडमिशन के समय स्कूल संचालक जॉय वर्गीस ने पूरी मदद का भरोसा दिया था। लेकिन कुछ महीनों बाद स्कूल प्रबंधन ने प्रक्रिया में बाधाएं डालना शुरू कर दिया और परिवार को परेशान किया जाने लगा।
शिकायत के बाद भी नहीं बदला रवैया
पीड़ित परिवार ने पहले कलेक्टर और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मामला कुछ समय के लिए शांत हुआ, लेकिन आरोप है कि इसके बाद प्रबंधन ने बदले की भावना से काम करना शुरू कर दिया।
रिजल्ट के दिन थमाई गई टीसी
परिजनों के अनुसार वार्षिक परीक्षा के रिजल्ट वाले दिन ही 14 वर्षीय आरती और 6 वर्षीय आराध्या का नाम स्कूल से काट दिया गया और उन्हें ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) थमा दी गई।
आर्थिक स्थिति पर भी उठे सवाल
बच्चियों के पिता फूड डिलीवरी का काम करते हैं। उनका कहना है कि वे आर्थिक तंगी के बावजूद समय पर फीस भरते थे, फिर भी स्कूल द्वारा इस तरह टीसी देना उनकी आर्थिक स्थिति का मजाक उड़ाने जैसा है।
मेडिकल सुविधा का अभाव, स्टोर रूम में लगता था इंसुलिन
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल में किसी प्रकार की मेडिकल सुविधा उपलब्ध नहीं थी। बच्ची को इंसुलिन स्टोर रूम में लगाना पड़ता था, जो बेहद असुरक्षित और अमानवीय स्थिति थी।
प्रिंसिपल का पक्ष
वहीं स्कूल के प्राचार्य जॉय वर्गीस का कहना है कि बच्चियों के पिता लंच टाइम बढ़ाने और सभी विषय एक ही शिक्षक से पढ़ाने जैसी मांग कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि परिवार को नोटिस देकर कहा गया था कि यदि उन्हें असुविधा हो रही है तो वे बच्चों का एडमिशन कहीं और करा सकते हैं और टीसी ले सकते हैं।
परिजनों की मांग: हो सख्त कार्रवाई
पूरा मामला सामने आने के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल उनके बच्चों का मामला नहीं, बल्कि संवेदनशील बच्चों के अधिकारों का भी सवाल है।
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