भोपाल। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। पिछले साल पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक पंजीकृत श्रद्धालु के लिए इस बार रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) कार्ड अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही यात्रियों की रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक करने और आपात स्थिति में तुरंत संपर्क स्थापित करने की व्यवस्था भी की जा रही है।
RFID कार्ड के बिना यात्रा की अनुमति नहीं
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने यात्रा के दौरान सभी पंजीकृत श्रद्धालुओं के लिए RFID कार्ड अनिवार्य कर दिया है। यह कार्ड जम्मू, पहलगाम, बालटाल और अन्य निर्धारित केंद्रों से मिलेगा। कार्ड के माध्यम से यात्रियों की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी और आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में आसानी होगी। बिना RFID कार्ड के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
रियल-टाइम लोकेशन पर रहेगी नजर
RFID प्रणाली के जरिए यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जाएगी। इससे किसी यात्री के रास्ता भटकने, संपर्क टूटने या किसी आपात स्थिति में तुरंत उसकी लोकेशन पता लगाई जा सकेगी। सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन को भी इससे निगरानी में मदद मिलेगी।
भोपाल में बनेगा विशेष कंट्रोल रूम
भोपाल से अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए ओम शिव शक्ति सेवा मंडल की ओर से शहर में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यहां से यात्रा पर गए सभी जत्थों की गतिविधियों और स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। यात्रा मार्ग पर मौजूद टीम और भोपाल कंट्रोल रूम के बीच लगातार संपर्क बना रहेगा।
हर जत्थे के लिए बनेगा व्हाट्सएप QR कोड
यात्रियों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए प्रत्येक जत्थे का अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। हर यात्री को एक QR कोड दिया जाएगा, जिसे स्कैन कर परिजन सीधे संबंधित ग्रुप से जुड़ सकेंगे। यदि किसी कारणवश किसी यात्री से संपर्क नहीं हो पाता है तो परिवार के सदस्य ग्रुप के माध्यम से उसकी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
घोड़े, खच्चर और पालकी संचालकों को भी मिलेगा QR कोड
श्राइन बोर्ड ने इस बार यात्रा मार्ग पर सेवाएं देने वाले घोड़े, खच्चर, पालकी संचालकों और पिट्ठुओं के लिए भी QR कोड जारी करने का निर्णय लिया है। पुलिस सत्यापन के बाद जारी किए जाने वाले इस QR कोड को स्कैन कर यात्री संबंधित व्यक्ति की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
युवाओं की टीम करेगी यात्रियों की मदद
जय बाबा अमरनाथ बर्फानी यात्रा मंडल ने बताया कि इस बार यात्रा में बड़ी संख्या में पहली बार जाने वाले श्रद्धालु शामिल होंगे। ऐसे यात्रियों की सहायता के लिए अनुभवी सदस्यों और युवाओं की टीम पूरे यात्रा मार्ग में उनके साथ रहेगी। मंडल द्वारा यात्रियों को पहले से योग, प्राणायाम और नियमित सैर का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि वे कठिन यात्रा के लिए शारीरिक रूप से तैयार रह सकें।
अलग-अलग तारीखों में रवाना होंगे जत्थे
ओम शिव शक्ति सेवा मंडल की ओर से कुल 15 जत्थे अलग-अलग तारीखों में अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना होंगे। पहला जत्था 29 जून को रवाना होगा। वहीं जय बाबा अमरनाथ बर्फानी यात्रा मंडल का पहला जत्था 5 जुलाई और दूसरा जत्था 14 जुलाई को यात्रा के लिए प्रस्थान करेगा।
सुरक्षा व्यवस्था को बनाया गया और मजबूत
श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन ने इस वर्ष यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम, QR कोड, कंट्रोल रूम और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं के जरिए यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें।
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