जहां आज का युवा डॉक्टर, इंजीनियर या सरकारी नौकरी के पीछे भाग रहा है, वहीं अमन गुर्जर ने भीड़ से अलग लेखन का रास्ता चुना। अपने जीवन के उतार-चढ़ाव को उन्होंने गीतों, शायरी और कविताओं में ढाल दिया, और यही जुनून उन्हें आज पहचान दिला रहा है।
अमन सिर्फ लिखते नहीं, असर छोड़ते हैं। उन्होंने मशहूर बॉलीवुड सिंगर Shaan के साथ गीतकार के रूप में काम किया है और 20 से ज्यादा हिंदी गाने लिख चुके हैं। उनके कई गानों को यूट्यूब पर मिलियन्स व्यूज मिल चुके हैं । जो इस बात का सबूत है कि उनकी कलम लोगों के दिल तक पहुंचती है।
ग्वालियर और खंडवा जैसे शहरों के लिए गौरव गीत लिखने से लेकर, स्वच्छता, साइबर क्राइम और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने तक अमन की लेखनी सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, जिम्मेदारी भी निभाती है।
शुरुआत एक बिछड़न से…
अमन बताते हैं कि उनकी लेखन यात्रा 7वीं क्लास से शुरू हुई, जब उन्हें अपने गांव मगरौनी से पढ़ाई के लिए ग्वालियर भेजा गया। “गांव छूटने का दर्द कब शब्दों में बदल गया, पता ही नहीं चला,” वे कहते हैं। इस सफर में उनकी टीचर हिमांशी कपूर का भी अहम योगदान रहा।
मुंबई: स्ट्रगल नहीं, सपनों का शहर
जहां कई लोग मुंबई को संघर्ष का शहर मानते हैं, वहीं अमन का नजरिया अलग है “मेरे लिए मुंबई हमेशा सपनों का शहर रहा है।” वे मानते हैं कि सही लोगों का साथ, जैसे उनके कंपोज़र दोस्त हर्ष के गर्ग, इस सफर को आसान बना देता है।
समाज के लिए लिखना, सबसे बड़ा सुकून
अमन के लिए सबसे खास पल वो होता है जब उनके लिखे गीत आम लोगों तक पहुंचते हैं। हमसे बातचीत में उन्होंने कहा भी है — "जब रेडियो या चौराहों पर अपने गीत सुनता हूँ, तो एक अलग ही सुकून मिलता है।”
अमन साफ कहते हैं कि डायरी में लिखना और इंडस्ट्री के लिए लिखना अलग चीज़ है। अगर आप लेखन को प्रोफेशन बनाना चाहते हैं, तो आपको खुद को उसी स्तर पर तैयार करना होगा।
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