Monday, 13 July 2026
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मध्य प्रदेश Bhopal

अब शादी में नहीं छिपेंगे राज! गलत जानकारी देकर विवाह करने पर सख्त कानून का प्रस्ताव

 

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदे पर विचार कर रही उच्च स्तरीय समिति को विवाह में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। प्रस्ताव में कहा गया है कि विवाह से पहले दोनों पक्षों के लिए पहचान, वैवाहिक स्थिति, पूर्व विवाह, तलाक, नागरिकता और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का सत्यापन एवं प्रकटीकरण अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही जानबूझकर गलत जानकारी देकर या महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर विवाह करने को दंडनीय अपराध घोषित करने की भी सिफारिश की गई है।

विवाह में पारदर्शिता को बनाया जाए कानूनी आधार

प्रस्ताव में कहा गया है कि विवाह विश्वास, पारदर्शिता और स्वैच्छिक सहमति पर आधारित सामाजिक एवं कानूनी संस्था है। ऐसे में विवाह से पहले दोनों पक्षों के लिए आवश्यक जानकारियों का सत्य एवं पूर्ण प्रकटीकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष को भ्रम या धोखे का सामना न करना पड़े। इससे विवाह संबंध अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बन सकेंगे।

पहचान से लेकर नागरिकता तक हर तथ्य का सत्यापन

समिति को दिए गए सुझावों के अनुसार विवाह से पहले दोनों पक्षों की पहचान, वर्तमान वैवाहिक स्थिति, पूर्व विवाह, तलाक, नागरिकता और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का आधिकारिक सत्यापन अनिवार्य किया जाना चाहिए। इससे विवाह से पहले दोनों परिवारों को सही जानकारी उपलब्ध होगी और भविष्य में विवादों की आशंका कम होगी।

गलत जानकारी देकर विवाह करने पर हो सख्त कार्रवाई

सुझाव में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है, महत्वपूर्ण तथ्य छिपाता है या मिथ्या प्रस्तुतीकरण के आधार पर विवाह करता है तो ऐसे मामलों को दंडनीय अपराध घोषित किया जाना चाहिए। इससे फर्जी पहचान, छिपे हुए विवाह और धोखाधड़ी जैसे मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

धोखाधड़ी रोकने और वैवाहिक विवाद घटाने की पहल

प्रस्ताव के अनुसार विवाह से पहले पूर्ण जानकारी साझा करने की व्यवस्था लागू होने से पति-पत्नी के बीच विश्वास मजबूत होगा और भविष्य में उत्पन्न होने वाले कानूनी विवाद, मानसिक उत्पीड़न तथा धोखाधड़ी के मामलों में कमी आ सकती है। यह व्यवस्था विवाह प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

UCC के मसौदे में शामिल सुझावों पर होगा अंतिम निर्णय

विवाह में पारदर्शिता से जुड़े ये सुझाव समान नागरिक संहिता के लिए तैयार किए जा रहे व्यापक मसौदे का हिस्सा हैं। विभिन्न सामाजिक और कानूनी पक्षों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन करने के बाद उच्च स्तरीय समिति अपनी अंतिम अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।

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