भोपाल: साल 2019 में मध्य प्रदेश की सियासत और ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मचाने वाले बहुचर्चित 'हनीट्रैप कांड' की मुख्य आरोपी श्वेता जैन एक बार फिर सुर्खियों में है। इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम ने सोमवार शाम को भोपाल के वीआईपी इलाके मीनाल रेसीडेंसी स्थित एक बंगले पर दबिश देकर श्वेता जैन को हिरासत में लिया है। पुलिस टीम उसे भोपाल से इंदौर ले गई है, जहाँ मंगलवार को उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
इस बार श्वेता जैन पर एक रसूखदार शराब कारोबारी को अपने जाल में फंसाकर निजी पलों के वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी देने और ₹1 करोड़ की मोटी रकम वसूलने का संगीन आरोप लगा है।
चोरी-छिपे बनाए निजी पलों के वीडियो, 1 करोड़ की डिमांड
मिली जानकारी के मुताबिक, इस नए मामले में इंदौर क्राइम ब्रांच ने सिर्फ श्वेता जैन ही नहीं, बल्कि ब्लैकमेलिंग के इस बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए कई अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया है। हिरासत में लिए गए अन्य आरोपियों में शामिल हैं:
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श्वेता जैन (मुख्य सूत्रधार और 2019 हनीट्रैप की आरोपी)
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एक महिला शराब तस्कर और उसका बेटा
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एक प्रॉपर्टी कारोबारी
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इंटेलिजेंस शाखा (खुफिया विभाग) में पदस्थ एक हेड कांस्टेबल
आरोप है कि इन सभी ने मिलकर शराब कारोबारी को जाल में फंसाया और उसके कुछ निजी पलों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इसके बाद इन वीडियो को सोशल मीडिया और परिवार में वायरल करने की धमकी देकर ₹1 करोड़ की रंगदारी (extortion) मांगी जा रही थी। इस पूरे खेल में पुलिस विभाग के ही खुफिया विंग के हेड कांस्टेबल की संलिप्तता ने पुलिस महकमे को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।
मीनाल रेसीडेंसी के बंगले में फिर मची हलचल
सोमवार शाम को जब इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम अचानक भोपाल की मीनाल रेसीडेंसी पहुँची, तो इलाके में एक बार फिर 2019 जैसी हलचल देखने को मिली। श्वेता जैन को हिरासत में लेकर टीम तुरंत इंदौर के लिए रवाना हो गई। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता और हाई-प्रोफाइल इनवॉल्वमेंट को देखते हुए इंदौर पुलिस के आला अधिकारी अभी मीडिया के सामने कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
याद आया 2019 का वो 'ब्लैक बस्टर' कांड
श्वेता जैन की इस नई करतूत ने मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में पुराने जख्म और खौफ को दोबारा ताजा कर दिया है। साल 2019 में जब यह हनीट्रैप गिरोह पकड़ा गया था, तब बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के कई मंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्रियों, विधायकों और शीर्ष आईएएस-आईपीएस (IAS-IPS) अफसरों के अश्लील वीडियो और ऑडियो क्लिप्स सामने आए थे।
"उस वक्त प्रदेश की राजनीति में ऐसा दौर था कि हर छोटा-बड़ा नेता इस डर से कांप रहा था कि कब किसका नाम या वीडियो उजागर हो जाए। कई सालों तक कोर्ट और मीडिया में चली उस कानूनी लड़ाई के बाद श्वेता जैन जमानत पर बाहर आई थी, लेकिन जेल से बाहर आते ही उसने फिर से वही पुराना धंधा शुरू कर दिया।"
जांच के दायरे में कई और 'सफेदपोश'
क्राइम ब्रांच के सूत्रों का कहना है कि श्वेता जैन और खुफिया विभाग के हेड कांस्टेबल के मोबाइल डेटा, चैट्स और कॉल डिटेल्स को खंगाला जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इस 1 करोड़ की वसूली वाले मामले में इंदौर और भोपाल के कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल, पुलिस इस पूरे सिंडिकेट के वित्तीय लेन-देन (Money Trail) की जांच कर रही है।
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