चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मैहर स्थित मां शारदा धाम में इस वर्ष आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब देखने को मिला। नवरात्रि के पहले दिन से लेकर महानवमी तक करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। हर दिन हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने मंदिर परिसर को भक्ति और श्रद्धा से सराबोर कर दिया।
हर दिन ऊंचा रहा श्रद्धालुओं का आंकड़ा
नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। पहले दिन करीब 90 हजार भक्तों ने दर्शन किए, जबकि तीसरे और चौथे दिन यह संख्या 1.30 लाख और 1.53 लाख के पार पहुंच गई। पूरे नौ दिनों में भक्तों की संख्या लगातार उच्च स्तर पर बनी रही, जिससे यह आयोजन आस्था का महाकुंभ बन गया।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण आयोजन
नवरात्रि मेले को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। एसपी अवधेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। मेला क्षेत्र में 2 एडिशनल एसपी, 8 डीएसपी, 10 इंस्पेक्टर, 15 सब-इंस्पेक्टर सहित लगभग 560 पुलिस जवान तैनात किए गए। 125 सीसीटीवी कैमरों और 2 ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी रखी गई, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाएं रहीं अलर्ट
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 16 कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए और मेडिकल टीमों को भी सक्रिय रखा गया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था मुस्तैद रही। मंदिर प्रशासक एवं एसडीएम दिव्या पटेल ने 19 से 27 मार्च तक वीआईपी दर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया, जिससे आम श्रद्धालुओं को समान रूप से दर्शन का अवसर मिला।
सेवा और मानवता की मिसाल बनी घटना
इस दौरान सेवा भाव की भी अनूठी मिसाल देखने को मिली। आरक्षक रोहित तिवारी ने एक दिव्यांग श्रद्धालु को अपने कंधों पर बैठाकर मां शारदा के दर्शन कराए। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक और प्रेरणादायक बन गया।
सफल आयोजन का बना उदाहरण
पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान भारी भीड़ के बावजूद कहीं भी अव्यवस्था या बड़ी समस्या सामने नहीं आई। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि बेहतर योजना, सुदृढ़ सुरक्षा और सेवा भावना के साथ बड़े धार्मिक आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सकता है।
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