Monday, 13 July 2026
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मध्य प्रदेश मुरैना।

मुरैना ट्रेन हादसे का दर्दनाक सच: ‘मेरे सामने पत्नी और बच्चे की मौत हो गई’, यात्री ने सुनाई खौफनाक आपबीती

मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अफवाह के कारण हुए दर्दनाक रेल हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद मची भगदड़ में कई यात्री ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। इसी दौरान दूसरी लाइन से गुजर रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई। हादसे के बाद एक यात्री ने रोते हुए उस भयावह मंजर को याद किया, जिसने सभी को भावुक कर दिया।

अफवाह ने मचाई भगदड़

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच में किसी ने चेन पुलिंग कर दी। इसी दौरान ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन से नीचे उतरकर ट्रैक की ओर भागने लगे।

‘मेरे सामने पत्नी और बच्चा कट गया’

हादसे में पत्नी रुखसाना और छोटे बेटे असद को खोने वाले नदीम ने बताया कि उन्होंने ट्रेन में कोई धुआं या आग नहीं देखी थी, लेकिन अफरा-तफरी के कारण उन्होंने अपने परिवार को ट्रेन से नीचे उतार दिया। उन्होंने कहा कि बड़े बेटे रिजवान को बर्थ पर बैठाकर वह पत्नी और छोटे बेटे को ट्रैक से दूर खड़ा कर वापस बड़े बेटे को लेने चले गए। जब लौटे तो सामने से गुजर चुकी ट्रेन के बाद पत्नी और बेटे के शव पटरी पर पड़े मिले।

कुछ ही सेकंड में उजड़ गया परिवार

नदीम ने बताया कि उन्हें आज तक समझ नहीं आ रहा कि जिन दोनों को उन्होंने रेलवे ट्रैक से दूर खड़ा किया था, वे ट्रेन की चपेट में कैसे आ गए। उन्होंने कहा कि कुछ ही सेकंड में उनका पूरा परिवार बिखर गया और उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई।

दूसरी लाइन से आई पातालकोट एक्सप्रेस

जानकारी के अनुसार, मुरैना जिले के हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच ट्रेन रुकने के बाद कुछ यात्री अप लाइन पर खड़े हो गए थे। इसी दौरान तेज रफ्तार फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस वहां से गुजरी और ट्रैक पर मौजूद यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

चार लोगों की मौके पर मौत

इस हादसे में तीन महिलाओं और एक मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्रशासन और रेलवे अधिकारी पहुंचे मौके पर

हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी, रेलवे अधिकारी, जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

रेलवे ने बताई हादसे की शुरुआती वजह

झांसी रेल मंडल के डीआरएम अनुरुद्ध कुमार ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां रेलवे ट्रैक पर मोड़ होने के कारण यात्रियों को सामने से आ रही ट्रेन दिखाई नहीं दी। प्रारंभिक जांच में चेन पुलिंग, आग की अफवाह और यात्रियों का ट्रैक पर उतरना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

पुलिस कर रही है जांच

मुरैना के पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीमों को मौके पर भेज दिया गया था। पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि अफवाह किसने फैलाई और चेन पुलिंग किसने की।

अफवाह बनी चार जिंदगियों की दुश्मन

यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि अफवाह और घबराहट कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में बिना पुष्टि के अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

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