रिपोर्ट: मनोहर प्रजापति
गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले में अपराधियों ने एक सनसनीखेज डकैती को अंजाम देकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के चक चुरेला गांव में देर रात हथियारबंद बदमाश पंचायत सहायक सचिव पवन मीना के घर में घुस गए। बदमाशों ने पूरे परिवार को कमरों में बंद कर दिया और आराम से घर में रखी करोड़ों रुपये की संपत्ति समेटकर फरार हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बदमाश करीब 2 किलो सोने के आभूषण, 6 किलो चांदी, 10 लाख रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल और घर में रखी तिजोरी अपने साथ ले गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 3.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक रविवार देर रात करीब 2 बजे बदमाश पंचायत सचिव पवन मीना के घर में घुसे। उस समय परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने कमरों में सो रहे थे। घर में प्रवेश करते ही बदमाशों ने सबसे पहले सभी कमरों की कुंडी बाहर से बंद कर दी, ताकि कोई बाहर निकलकर विरोध न कर सके या शोर मचाकर आसपास के लोगों को जगा न दे।
इसके बाद बदमाशों ने पूरे घर की बारीकी से तलाशी ली। उन्होंने अलमारियों के ताले तोड़े, कमरों का सामान बिखेर दिया और घर में रखे कीमती जेवर, नकदी और अन्य सामान समेट लिया। वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाश पहले से पूरी तैयारी और रेकी करके आए थे।
सुबह जब परिवार के लोगों की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि कमरों के दरवाजे बाहर से बंद हैं। काफी प्रयास के बाद बाहर निकलने पर घर का पूरा सामान अस्त-व्यस्त मिला। अलमारियां टूटी हुई थीं, तिजोरी गायब थी और नकदी, जेवर तथा मोटरसाइकिल भी नहीं थी। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही फतेहगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एफएसएल टीम और डॉग स्क्वाड को भी बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट सहित अन्य साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों ने पहले से घर की रेकी की थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं किसी परिचित ने घर में रखे जेवर और नकदी की जानकारी तो नहीं दी थी। वहीं स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने इस वारदात में पारदी गिरोह की संलिप्तता की आशंका जताई है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के जंगलों और संभावित भागने के रास्तों पर सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया है। कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
इस बड़ी डकैती के बाद चक चुरेला गांव सहित पूरे बमोरी क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बदमाश इतनी आसानी से घर में घुसकर परिवार को बंधक बना सकते हैं और करोड़ों रुपये का सामान लेकर फरार हो सकते हैं, तो ग्रामीण इलाकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। लोगों ने क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है। एफएसएल रिपोर्ट, डॉग स्क्वाड, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। अब पूरे जिले की नजर इस हाई-प्रोफाइल डकैती की जांच पर टिकी हुई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी सुनियोजित वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश कौन हैं और पुलिस उन्हें कब तक गिरफ्तार कर लूटी गई करोड़ों रुपये की संपत्ति बरामद कर पाएगी।
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