गुना। रबी सीजन की शुरुआत के साथ किसानों के सामने खाद की किल्लत का संकट खड़ा हो गया था। अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री और गुना-शिवपुरी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। किसानों ने खाद नहीं मिलने की शिकायत करते हुए अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। एक किसान ने यहां तक कह दिया कि “माला पहनाते-पहनाते पूरी जिंदगी बीत गई, लेकिन वक्त पर खाद की एक बोरी तक नहीं मिल पा रही।” किसानों की शिकायतों के बाद सिंधिया ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
किसानों की नाराजगी के बाद हरकत में आए सिंधिया
दौरे के दौरान खाद की कमी को लेकर किसानों के तीखे तेवर सामने आए। किसानों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए सिंधिया ने मौके पर ही जिला प्रशासन के अधिकारियों को तलब किया और शिकायतों को दर्ज कर तत्काल समाधान के निर्देश दिए। इसके साथ ही दिल्ली और भोपाल स्तर के अधिकारियों से समन्वय कर गुना जिले में डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की गई।
गुना पहुंची 4,370 मीट्रिक टन DAP
प्रशासनिक स्तर पर हुई कार्रवाई के बाद अब गुना जिले में डीएपी खाद की बड़ी खेप पहुंच चुकी है। जिले में कुल 4,370 मीट्रिक टन DAP पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसमें IPL की 1,700 मीट्रिक टन और NFL की 2,670 मीट्रिक टन डीएपी शामिल है।
रबी सीजन में गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों की बोवनी के लिए किसानों को खाद की जरूरत होती है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में डीएपी की खेप पहुंचने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट
खाद की खेप पहुंचने के बाद जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने वितरण व्यवस्था को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराया जाए और वितरण में पारदर्शिता बरती जाए। साथ ही कालाबाजारी और अनावश्यक अफरातफरी को रोकने के लिए व्यवस्था पर नजर रखने की बात कही गई है।
किसानों की शिकायत के बाद खाद की उपलब्धता बढ़ने से फिलहाल गुना जिले में राहत की उम्मीद जगी है। अब देखना होगा कि पहुंची हुई डीएपी का वितरण किस तरह किया जाता है और क्या रबी सीजन में किसानों को खाद के लिए पहले की तरह लंबी कतारों और सोसाइटियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं या नहीं।
रिपोर्ट - गौरव शर्मा, गुना
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