Thursday, 27 August 2026
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मध्य प्रदेश

बैरिकेडिंग तोड़कर भोपाल पहुंचे हजारों किसान, बोले- मांगें पूरी होने तक नहीं होगा आंदोलन खत्म

भोपाल। मध्यप्रदेश में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। मूंग की 100 फीसदी सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर निकाली जा रही 'किसान क्रांति पैदल यात्रा' मंगलवार को भोपाल पहुंच गई। पुलिस की बैरिकेडिंग और रोक-टोक के बावजूद बड़ी संख्या में किसान राजधानी में प्रवेश कर गए। किसानों का कहना है कि वे सात दिन का राशन साथ लेकर आए हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वापस नहीं लौटेंगे।

बैरिकेडिंग पार कर भोपाल में दाखिल हुए किसान

नर्मदापुरम से शुरू हुई किसान क्रांति पैदल यात्रा मंगलवार शाम भोपाल के 11 मील तिराहे पर पहुंची। यहां पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन धक्का-मुक्की के बीच किसान बैरिकेड पार कर राजधानी में प्रवेश कर गए। इसके बाद किसान सीएम हाउस की ओर बढ़ने लगे, जिससे पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया।

भोपाल में बढ़ाई गई सुरक्षा

किसानों के भोपाल पहुंचने की सूचना मिलते ही सीएम हाउस जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी गई। प्रशासन के मुताबिक करीब 2 हजार किसान भोपाल में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि किसान संगठनों का दावा है कि यह संख्या 8 हजार के करीब है।

नर्मदापुरम से शुरू हुई किसान क्रांति यात्रा

संयुक्त किसान संगठनों की यह यात्रा सोमवार को नर्मदापुरम से शुरू हुई थी। इस आंदोलन में 19 किसान संगठन शामिल हैं। किसानों का दावा है कि नरसिंहपुर, गाडरवारा, पिपरिया, हरदा, टिमरनी और बैतूल सहित कई जिलों से हजारों किसान इस यात्रा में शामिल हुए हैं।

सात दिन का राशन लेकर पहुंचे किसान

आंदोलन को लंबा चलाने की तैयारी के साथ किसान अपने साथ सात दिन का राशन भी लेकर भोपाल पहुंचे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सावरकर सेतु के नीचे रोका गया मार्च

11 मील तिराहे से आगे बढ़ने के बाद किसानों को सावरकर सेतु के नीचे पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान किसान 'जय जवान, जय किसान' के नारे लगाते रहे। प्रशासन ने पहले से ही नर्मदापुरम रोड पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।

ट्रैफिक व्यवस्था हुई प्रभावित

किसानों के आंदोलन के चलते नर्मदापुरम रोड और कटारा हिल्स क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। ट्रैफिक डायवर्ट किए जाने के कारण कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा।

रास्ते में कई जगह रोकने की कोशिश

भोपाल पहुंचने से पहले किसानों को नर्मदापुरम, बुदनी, औबेदुल्लागंज और मंडीदीप में भी रोकने का प्रयास किया गया। हालांकि, कई किसान सभी बैरिकेड पार करते हुए राजधानी तक पहुंचने में सफल रहे।

ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें

किसानों की मुख्य मांग है कि मूंग की 100 फीसदी सरकारी खरीदी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा वे खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और किसानों से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों का जल्द समाधान भी चाहते हैं।

बीजेपी ने कहा- किसानों की चिंता कर रही सरकार

किसान आंदोलन के बीच बीजेपी नेता सुमेर सिंह सोलंकी ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच मतभेद की खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही हैं। उनके मुताबिक सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और उनके कल्याण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

 
 
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