रिपोर्ट: सागर मिश्रा, कानपुर
कानपुर। जीआरपी कानपुर सेंट्रल पुलिस ने वर्ष 2017 से फरार चल रहे दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ कानपुर नगर की अदालतों से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी थे। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर से मिली सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी. के मार्गदर्शन, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज एन. कोलान्ची के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रयागराज प्रशांत वर्मा की सतत मॉनिटरिंग में चलाए जा रहे फरार अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत की गई। पुलिस उपाधीक्षक कानपुर शेषमणि उपाध्याय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक जीआरपी कानपुर सेंट्रल ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में औरैया जिले के थाना फफूँद क्षेत्र के ग्राम अकबरपुर डाढ़ा निवासी संदीप सिंह (34 वर्ष) शामिल है। उसके खिलाफ एडीजे-22, कानपुर नगर न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी था। संदीप पर वर्ष 2017 में दर्ज धारा 328, 379 और 411 भारतीय दंड संहिता के साथ ही एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21 और 22 के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
दूसरा गिरफ्तार आरोपी मो. आमिर (30 वर्ष) है, जो कानपुर नगर के बाबूपुरवा थाना क्षेत्र की ईदगाह सफेद कॉलोनी का निवासी है। उसके खिलाफ एडीजे-27, कानपुर नगर न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी था। मो. आमिर पर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 18 और 20 के अलावा भारतीय दंड संहिता की धाराओं 392, 411 और 413 के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
गिरफ्तारी अभियान में प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के साथ वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव, उपनिरीक्षक शिवबाबू यादव, उपनिरीक्षक अर्पित तिवारी (चौकी जीआरपी झींझक), हेड कांस्टेबल नृपेंद्र कुमार, अनुराग कुमार, शिव सिंह, रमेश सोनकर, वैश खान, सत्येंद्र सिंह, राजकमल वर्मा तथा कांस्टेबल दीपक यादव शामिल रहे।
पुलिस ने दोनों अभियुक्तों से पूछताछ शुरू कर दी है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि फरार अपराधियों के विरुद्ध आगे भी इसी तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा।
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