रीवा मे कोरेक्स की महामारी की गिरफ्त मे युवा.... कोरेक्स के चलते युवा हो रहे नपुन्सकता के शिकार... गौरव के प्रयास क्या करेगे गौरवान्वित..
मध्य प्रदेश
रीवा: जहां आम लोगों की यही सोच है कि पुलिस कि न तो दोस्ती अच्छी है और न ही दुश्मनी...ऐसे मे जब भी खाकी पर कोई आरोप लगता है तो खबर जंगल मे लगी आग की तरह फैलती है लेकिन वह खबर धूल धूसरित हो जाती है जिसमें खाकी सत्यमेव जयते के सूक्ति को चरितार्थ करती है...लेकिन यह तभी संभव होता है जब पुसिसिंग राजपूतान स्टाइल मे हो .तो खाकी की यह कार्यवाही समूचे महकमें को गौरवान्वित भी करती है...जी हां कुछ ऐसी ही कार्यवाई हुई है विन्ध के ऐसे क्षेत्र मे जहां कोरेक्स नाम की महामारी ने युवओं को गिरफ्त मे ले रखा था या यूं कहें कि अभी भी वहां का युवा इस महामारी की चपेट में है...जो पिछले दो से तीन दशक से इस अभेद्य जाल मे फंसा हुआ है.. बताया जाता है कि कोरेक्स पीने से इस क्षेत्र का युवा वर्ग जिनकी उम्र 15 से 30 साल के बीच होती है हर साल दो सैकड़ा से भी अधिक काल कालवित हो रहे है अर्थात भगवान को प्यारे हो जाते है....कोरेक्स का नशा शराब या सूखे नशे से भी ज्यादा खतरनाक होता है...चिकित्सको के अनुसार इसका नशा करने वाला उल्टी.सिरदर्द,मिर्गी,कब्ज जैसे बीमारियों से पीड़ीत तो होता ही है साथ ही जब वह कोरेक्स का आदी हो जाता है तो वह नपुन्सकता जैसी बीमारी से पीड़ित हो जाता है..इस क्षेत्र मे काम करने वाले एक एन जी ओ ने तो इस बात का भी खुलासा किया है कि कोरेक्स के नशे का ज्यादातर युवा वर्ग आदी है ऐसे मे जब वह विवाह के बन्धन मे बन्धता है तो नपुन्सकता की वजह से परिवार मे कलह की स्थिति बन जाती है..नतीजतन प्रदेश सरकार ने इसको प्रतिबन्धित कर दिया है लेकिन दूसरे प्रदेशों मे प्रतिबन्धित न होने के कारण इसकी स्मगलिंग चालू हो गई और 54 रुपये की एमआरपी वाली कोरेक्स की बाटल बाजार मे 250 से लेकर 300 रुपये तक मे बिकने लगी..जिसके गोरखधन्धे मे शरीक लोग करोड़ो का वारा न्यारा कर चुके है और आगे भी करने मे लगे हैं ..और तो और रीवा मे ही नकली कोरेक्स बनाने की फैक्ट्री भी लग गई जब इसकी शिकायत प्रशासन तक पहुंची तो छापेमारी कर फैक्ट्री को शील किया गया.. ऐसे मे रीवा के मौजूदा आई जी गौरव राजपूत ने इस महामारी पर लगाम लगाने के लिए वीड़ा उठाया। उन्होने पहले तो जागरुकता अभियान चलाते हुए कोरेक्स की कालाबाजारी करने वाले ठिकानों पर तबड़तोड़ छापेमारी की जिसके कारण अकेले उनके क्षेत्र मे लगभग 1000 लोगों के खिलाफ एनडीपीसी एक्ट के तहत् कार्यवाही की गई..जो आज भी जेल मे बन्द है...स्थिति यह है एनडीपीसी एक्ट मे बन्द मुजरिमो के चलते रीवा की जेल ठसाठस भरी है..बाबजूद इसके जब आशानुरुप सफलता मिलती नहीं दिखी तो उसकी जड़ को कुरेदा अर्थात जहां से कोरेक्स की खेप आ रही थी उस पर वार किया .आई जी महोदय ने अपने अधिकार से परे जाकर उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों से ब्यक्तिगत रुप से सम्पर्क किया..जिसका असर यह हुआ कि उत्तर प्रदेश सरकार मे भी भारी तदाद मे न केवल छापेमारी की गई बल्कि उत्तरप्रदेश मे भी कोरेक्स को प्रतिबन्धित कर दिया गया..आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जब उत्तर प्रदेश मे पुलिस द्वारा छापेमारी की गई तो 700 करोड़ से भी ऊपर का कोरेक्स का नेटवर्क पकड़ा गया .. परिणाम स्वरुप यू.पी से सप्लाई होने वाली कोरेक्स पर लगभग लगाम लग गई...इस पर जब स्वराज एक्सप्रेस ने छान बीन की तो पाया कि 250 से 300 रुपये मे मिलने वाली कोरेक्स की कीमत 2000 रुपये तक पहुंच गई उस पर भी जब स्वराज एक्सप्रेस ने कोरेक्स के सीसी की मांग की तो दो दिन बाद डिलेवरी देने को कहा गया..खैर अब यह कहने मे जरा भी हिचकिचाहट नही है कि रीवा आई जी गौरव राजपूत ने जिस तरह राजपूताना स्टाईल मे कार्यवाही की है उससे समूचे रीवा की खाकी तो गौरवान्वित तो हुई ही साथ ही रीवा का भविष्य बचाने के लिये भी एक सार्थक पहल थी...आब बात करते है मौजूदा समय की तो आई जी महोदय आपको स्वराज एक्सप्रेस यह सूचना दे रहा है कि अब कोरेक्स की सप्लाई गुड़गांव से दिल्ली के रास्ते रीवा संभाग के बार्डर एरिया से सप्लाई होने लगी है ...और उसकी कीमत फिर से 2000 से घटकर लगभग 1000 के आस-पास आ गई है इसलिये आपको एक फिर ब्यक्तिगत सम्बन्धो का उपयोग करना पड़ेगा . ऐसे मे दिल्ली के रास्ते आने वाली कोरेक्स की खेप को रोकना एक चुनौती होगी क्योकि दिल्ली राज्य में कोरेक्स प्रतिबन्धित नहीं है... अन्त मे यह अपेक्षा है कि गोरव राजपूत के प्रयास यदि रीवा को कोरेक्स विहीन करने में सफल होते है तो शायद यह रीवा के लिये अनमोल तोहफा होगा...
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