केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने तीनों सेनाओं के कई बड़े रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इसमें फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने का बड़ा फैसला शामिल है। साथ ही अमेरिका से 6 पी-8आई मैरिटाइम सर्विलांस एयरक्राफ्ट खरीदने को भी मंजूरी दी गई है।
राफेल डील में ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा
114 राफेल जेट में से करीब 90 जेट भारत में बनाए जाएंगे। इन जेट्स में लगभग 50% स्वदेशी सामग्री इस्तेमाल करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले यह आंकड़ा 30% था, जिसे बढ़ाया गया है। भारत को इन विमानों में अपने हथियार और सिस्टम लगाने की भी पूरी आजादी होगी।
मैक्रों की भारत यात्रा से पहले बड़ा फैसला
यह फैसला फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा (17–19 फरवरी) से ठीक पहले लिया गया है। इसे भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है।
IAF की ताकत बढ़ाने में मिलेगा बड़ा फायदा
भारतीय वायुसेना के पास अभी 36 राफेल विमान हैं। नए जेट शामिल होने से वायुसेना की स्क्वाड्रन क्षमता बढ़ेगी। अभी IAF के पास 42 की जरूरत के मुकाबले 29 स्क्वाड्रन हैं। नए राफेल इस कमी को पूरा करने में मदद करेंगे।
अमेरिका से P-8I डील पर भी आगे बढ़ा भारत
DAC ने अमेरिका से 6 P-8I एंटी-सबमरीन और मैरिटाइम सर्विलांस विमान खरीदने को भी मंजूरी दी है। यह डील पहले 2019 में शुरू हुई थी लेकिन पूरी नहीं हो सकी। अब दोनों देश नए सिरे से इस पर बातचीत कर रहे हैं।
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